बिहार

प्राकृतिक सुरंग में छिपा था हथियारों का जखीरा सर्च ऑपरेशन में देसी राइफल और कट्टे बरामद

Kavita2
11 Sept 2026 2:37 PM IST
प्राकृतिक सुरंग में छिपा था हथियारों का जखीरा सर्च ऑपरेशन में देसी राइफल और कट्टे बरामद
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सिमुलतला। जिले के नक्सल प्रभावित सिमुलतला थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के मंसूबों पर बड़ा प्रहार किया है। सशस्त्र सीमा बल की 16वीं वाहिनी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बीहड़ जंगलों और पथरीली पहाड़ियों के बीच सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान हल्दिया झरना के पास स्थित एक बेहद दुर्गम इलाके में पत्थरों से बनी प्राकृतिक सुरंग के अंदर छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए। मौके से एक देसी राइफल और दो देसी कट्टे मिले हैं।

सुरक्षा बलों को आशंका है कि माओवादियों ने किसी आपराधिक या हिंसक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से इन हथियारों को गुप्त स्थान पर छिपाकर रखा था। हथियारों को ऐसी जगह रखा गया था जहां सामान्य लोगों की पहुंच आसान नहीं है। घने जंगल और पथरीला रास्ता होने के कारण इस स्थान तक पहुंचना सुरक्षा बलों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सावधानीपूर्वक तलाशी ली और हथियारों का पता लगाने में सफलता हासिल की।

जानकारी के अनुसार नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी अक्सर जंगलों, पहाड़ियों, गुफाओं और प्राकृतिक सुरंगों का इस्तेमाल हथियार तथा अन्य सामग्री छिपाने के लिए करते हैं। ऐसे स्थानों को सुरक्षित ठिकाने के रूप में चुनने के पीछे उनका उद्देश्य आवश्यकता पड़ने पर हथियारों को निकालकर उपयोग करना और सुरक्षा बलों की नजर से बचाना होता है। हल्दिया झरना के पास मिले हथियार भी इसी तरह पत्थरों के बीच प्राकृतिक सुरंग में छिपाए गए थे।

सर्च ऑपरेशन के दौरान एसएसबी और स्थानीय पुलिस के जवानों ने पूरे इलाके की बारीकी से जांच की। संदिग्ध स्थान की पहचान होने के बाद जवानों ने आसपास के हिस्से को सुरक्षित किया। इसके बाद सुरंग की तलाशी ली गई और वहां छिपाकर रखी गई देसी राइफल तथा दो देसी कट्टे बरामद किए गए। हथियारों को कब्जे में लेकर आगे की छानबीन शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन हथियारों को किसने और कब छिपाया था। इसके साथ ही हथियार किस गिरोह या नक्सली दस्ते से जुड़े हो सकते हैं इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। आसपास के इलाके में सक्रिय रहे संदिग्ध लोगों और पुराने मामलों से हथियारों के संबंध की पड़ताल की जा सकती है। बरामद हथियारों की तकनीकी जांच से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।

अधिकारियों को आशंका है कि हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। हालांकि हथियार कितने समय से वहां रखे थे और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल बरामदगी को सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है क्योंकि कार्रवाई से संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया।

सिमुलतला थाना क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान नहीं होता। कई स्थानों तक वाहनों से पहुंचना संभव नहीं है और जवानों को पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे क्षेत्रों में अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बारूदी सुरंगों और घात लगाकर किए जाने वाले हमलों की आशंका के बीच आगे बढ़ना पड़ता है।

इस संयुक्त अभियान में एसएसबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। दोनों बलों की टीमों ने उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील क्षेत्र में अभियान चलाया। पहाड़ी रास्तों, झाड़ियों और प्राकृतिक सुरंगों की तलाशी के दौरान जवानों ने पूरी सतर्कता बरती। हथियार मिलने के बाद आसपास के इलाके में अभियान और तेज कर दिया गया ताकि किसी अन्य गुप्त ठिकाने या संदिग्ध गतिविधि का भी पता लगाया जा सके।

सुरक्षा बलों के लिए जंगलों में छिपाए गए हथियारों के ठिकानों का पता लगाना नक्सल विरोधी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे हथियारों की बरामदगी से नक्सली संगठनों की हिंसक कार्रवाई करने की क्षमता प्रभावित होती है। हथियारों के साथ यदि उनके नेटवर्क और उन्हें सहायता उपलब्ध कराने वालों के बारे में सूचना मिलती है तो सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में सक्रिय पूरे तंत्र तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

स्थानीय लोगों के बीच भी इस अभियान की चर्चा है। जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल लगातार गश्त और तलाशी अभियान चलाते हैं। अधिकारियों की ओर से आम लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित थाने या सुरक्षा बलों को देने की अपील की जाती रही है। समय पर मिलने वाली सूचना से किसी संभावित घटना को रोकने और हथियारों के गुप्त ठिकानों का पता लगाने में सहायता मिल सकती है।

हथियारों की बरामदगी के बाद पूरे सिमुलतला थाना क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जंगलों की ओर जाने वाले रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है। आसपास के क्षेत्र में अन्य संभावित ठिकानों की तलाश के लिए अतिरिक्त अभियान चलाए जाने की संभावना है। सुरक्षा बल यह भी जांच रहे हैं कि हाल के दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या समूह की गतिविधि देखी गई थी या नहीं।

बरामद हथियार स्थानीय स्तर पर बनाए गए प्रतीत होते हैं। अब उनकी स्थिति, क्षमता और संभावित उपयोग की जांच की जाएगी। हथियारों पर मौजूद निशान या अन्य साक्ष्य से उन्हें छिपाने वालों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए हथियारों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

हल्दिया झरना के पास हुई इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। बीहड़ जंगल और पथरीली पहाड़ियों के बीच बने गुप्त ठिकाने तक पहुंचकर हथियार बरामद करना संयुक्त टीम के लिए चुनौतीपूर्ण था। समय रहते हथियार मिलने से किसी संभावित वारदात की आशंका कम हुई है। अब सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान इस हथियार डंप के पीछे सक्रिय लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर केंद्रित है।

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